रविवार, 19 अक्टूबर 2025

जानलेवा सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का सहारा! पाएं ₹3 लाख की आर्थिक और पुनर्वास सहायता।

​क्या आप छत्तीसगढ़ के निर्माण श्रमिक हैं? क्या आप जानते हैं कि सरकार ने आपके और आपके परिवार के लिए एक बड़ी सहायता योजना शुरू की है? अगर आप सिलिकोसिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो यह खबर आपके लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

अधिसूचना देखे


रायपुर। ​छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने "सिलिकोसिस (बीमारी) से पीड़ित निर्माण श्रमिकों के लिए आर्थिक एवं पुनर्वास सहायता योजना" की संशोधित अधिसूचना (दिनांक 19/12/2022) जारी की है, जिसके तहत पीड़ित श्रमिकों को ₹3,00,000/- (तीन लाख रुपये) तक की बड़ी आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है।

​आइए जानते हैं इस योजना का लाभ, पात्रता और आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों के बारे में:

योजना के मुख्य लाभ

​यह योजना सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों के लिए आर्थिक एवं पुनर्वास सहायता के रूप में है और यह कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम या कर्मकार क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि के अतिरिक्त होगी।

  1. आर्थिक सहायता: योजना के अंतर्गत कुल ₹3,00,000/- (तीन लाख रुपये) प्रदान किए जाएंगे।
    • ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) हितग्राही/आश्रितों के खाते में सीधे स्थानांतरित किए जाएंगे।
    • ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये) फिक्स्ड डिपॉजिट (F.D.) के रूप में देय होंगे, जिसका ब्याज मासिक आय योजना (M.I.S.) के रूप में मिलेगा।
    • ​यह लाभ श्रमिक के जीवित रहने पर श्रमिक को या सिलिकोसिस बीमारी से मृत्यु होने पर उनके वैध आश्रितों को दिया जाएगा।
  2. पुनर्वास सहायता: सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिक और उनके आश्रित परिवारजन मंडल की अन्य सभी योजनाओं का लाभ भी ले सकेंगे, बशर्ते वे उन योजनाओं की पात्रता पूरी करते हों।

पात्रता: कौन ले सकता है लाभ?

  • ​छत्तीसगढ़ राज्य के वे निर्माण श्रमिक और उनके परिवारजन जिनमें सिलिकोसिस बीमारी की पुष्टि हुई हो
  • ​योजना का लाभ छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा उनके अधीन अधिसूचित सभी प्रकार के निर्माण श्रमिकों के प्रवर्गों में कार्यरत श्रमिकों को मिलेगा।
  • ​जो निर्माण श्रमिक पंजीकृत नहीं हैं, उनका भी मंडल के अंतर्गत अधिसूचित प्रवर्गों में पंजीयन करके योजना का लाभ दिया जा सकेगा
  • ​लाभ के लिए, सक्षम चिकित्सक (जैसे शासकीय मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल के चेस्ट एवं टी.बी. रोग विशेषज्ञ चिकित्सक, या पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर की व्यवसायजन्य रोग निदान समिति, आदि) द्वारा श्रमिक में सिलिकोसिस बीमारी की पुष्टि किया जाना आवश्यक होगा।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (ऑफलाइन आवेदन हेतु)

​आवेदन करते समय, आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे:

  1. जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र (यदि हितग्राही मंडल के अंतर्गत पंजीकृत हो तो)।
  2. आधार कार्ड: सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक का आधार कार्ड (जीवित होने पर) या मृत्यु की स्थिति में उत्तराधिकारी/आश्रित का आधार कार्ड।
  3. सिलिकोसिस बीमारी पुष्टि प्रमाण पत्र: सक्षम चिकित्सक (पात्रता के सरल क्र. 2 के अनुसार) द्वारा जारी प्रमाण पत्र की मूल प्रति
  4. बैंक पास बुक: हितग्राही (जीवित होने पर) या नॉमिनी/वैध उत्तराधिकारी/आश्रित का बैंक पास बुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति (जिसमें नाम, खाता क्रमांक और IFSC कोड अंकित हो)।
  5. मृत्यु प्रमाण पत्र: सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में।

आवेदन कैसे करें?

​आवेदक/आवेदिका स्वयं या पीड़ित श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में श्रमिक के आश्रित, संबंधित क्षेत्राधिकारिता के सहायक श्रमायुक्त/श्रम पदाधिकारी कार्यालय में स्वयं के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जमा कर सकते हैं। आप मंडल मुख्यालय को भी सूचित कर सकते हैं।

जरूरी सूचना: आवेदन के साथ जिले के सहायक श्रमायुक्त/श्रम पदाधिकारी का अनुशंसा पत्र और सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज जिसमें सिलिकोसिस होने की पुष्टि की गई हो, संलग्न करना होगा

ध्यान दें: आवेदन प्रकरणों का निराकरण 30 कार्य दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।