रविवार, 19 अक्टूबर 2025

श्रमदान से शिक्षादान: छत्तीसगढ़ के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को ₹2 लाख तक की प्रोत्साहन राशि और 'नोनी बाबू' बाइक का तोहफा!


रायपुर। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित "मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना" निर्माण श्रमिकों के परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बन गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और उनके सपनों को साकार करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

​हाल ही में, मंडल द्वारा इस योजना में संशोधन किए गए हैं, जिससे श्रमिकों के बच्चों के लिए आवेदन की प्रक्रिया और भी स्पष्ट हो गई है। प्रदेश के सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रेरित करने के लिए इस योजना के प्रमुख लाभ, पात्रता और आवेदन संबंधी आवश्यक जानकारी नीचे दी गई है:

योजना का मुख्य लाभ (वार्षिक प्रोत्साहन राशि)

​यह योजना सामान्य शिक्षा से लेकर उच्च और व्यावसायिक शिक्षा तक के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिसमें मेधावी छात्रों के लिए एक विशेष प्रोत्साहन शामिल है:


₹2 लाख का विशेष प्रोत्साहन:

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं या 12वीं की परीक्षा में टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राओं को ₹1,00,000/- नकद प्रोत्साहन राशि के साथ, ₹1,00,000/- की अतिरिक्त राशि दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए दी जाती है। यह सहायता राशि मेधावी बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए एक बड़ा उपहार है।

योजना के लिए पात्रता

​इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करना अनिवार्य है:

  • पंजीयन अवधि: छात्र/छात्रा के माता-पिता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम 90 दिन पहले से पंजीकृत निर्माण श्रमिक होने चाहिए।
  • बच्चों की संख्या: यह योजना श्रमिक के पहले दो जीवित बच्चों के लिए लागू है।
  • शैक्षणिक योग्यता:
    • ​सामान्य लाभ के लिए: छात्र/छात्रा ने पिछली कक्षा में न्यूनतम 75% अंक प्राप्त किए हों।
    • ​विशेष लाभ के लिए: छात्र/छात्रा छत्तीसगढ़ बोर्ड की 10वीं या 12वीं की परीक्षा की प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में प्रथम दस में हों।

आवेदन में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज

​ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित मुख्य दस्तावेज़ संलग्न करना आवश्यक है:

  1. श्रमिक का पंजीयन प्रमाण पत्र
  2. आधार कार्ड और बैंक खाता विवरण।
  3. निवास प्रमाण पत्र (छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए)।
  4. पिछली कक्षा की अंकसूची (न्यूनतम 75% या मेरिट प्रमाण पत्र)।
  5. वर्तमान सत्र में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र (केवल पॉलिटेक्निक/डिप्लोमा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों के लिए)।
  6. दोपहिया वाहन अनुदान के लिए (यदि लागू हो): यदि छात्र 16 वर्ष से अधिक आयु का है, तो लर्निंग लाइसेंस/लाइसेंस संलग्न करना अनिवार्य है।

समय-सीमा का रखें ध्यान:

श्रमिकों को योजना में आवेदन, परीक्षा उत्तीर्ण होने के उपरांत अंकसूची जारी होने की दिनांक से 6 माह के भीतर प्रस्तुत करना होगा (विदेश में अध्ययन के लिए आवेदन को छोड़कर)।

यह योजना उन सभी श्रमिकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं। विलंब न करें, अपने बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाकर उनके भविष्य को सुनहरा बनाएं!