रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के मेहनती निर्माण श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए "मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना" लागू कर दी है। यह योजना 01.05.2023 से प्रभावशील है। इस योजना से लाखों पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज और चिकित्सा सहायता के रूप में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।
आप भी एक पंजीकृत श्रमिक हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएँ!
योजना के मुख्य लाभ (Benefits)
इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को कई तरह की आर्थिक सहायता दी जाती है:
- दुर्घटना में चिकित्सा सहायता: दुर्घटना के कारण चिकित्सा कराए जाने पर श्रमिक को वास्तविक राशि या अधिकतम ₹20,000/- की एकमुश्त राशि देय होगी।
- गंभीर बीमारी के इलाज में सहायता: यदि पंजीकृत श्रमिक मंडल में निरंतर 03 वर्ष तक पंजीकृत हो, तो हृदय की शल्य क्रिया, गुर्दा/लीवर का प्रत्यारोपण, मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी की शल्य क्रिया, घुटने की शल्य क्रिया, कैंसर का ईलाज, या लकवा ग्रसित जैसी गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज, दवाई या चिकित्सा के लिए वास्तविक राशि या अधिकतम ₹20,000/- की एकमुश्त राशि मिलेगी।
- विशेष ध्यान दें: यह लाभ प्रदेश में संचालित आयुष्मान भारत योजना एवं खुबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अतिरिक्त होगा।
- वेतन प्रतिपूर्ति: 15 दिवस से अधिक दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने पर, उस अवधि के लिए घोषित न्यूनतम वेतन के मान से 15 दिवस के बराबर वेतन की प्रतिपूर्ति मंडल द्वारा की जाएगी।
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अन्य उपकरणों हेतु सहायता (परिवार के सदस्यों सहित):
- दृष्टिबाधित चश्मा हेतु: ₹1,000।
- कृत्रिम दन्त हेतु: ₹5,000।
- श्रवण बाधित यंत्र हेतु: ₹6,000।
- नोट: चश्मा, कृत्रिम दन्त एवं श्रवण यंत्र हेतु सहायता परिवार के सदस्यों के लिए भी देय होगी।
पात्रता मानदंड (Eligibility)
योजना का लाभ लेने के लिए निर्माण श्रमिक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आयु सीमा: श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- पंजीयन आवश्यक: निर्माण श्रमिक का भवन और अन्य सन्निर्माण (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 की धारा 12 के अंतर्गत हिताधिकारी के रूप में पंजीयन होना चाहिए।
- लाभार्थी: योजना के तहत केवल पंजीकृत श्रमिक को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज (Application Process and Documents)
योजना के लिए आवेदन ऑनलाईन माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन का निराकरण 30 कार्य दिवस में करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाईन आवेदन करते समय निम्नलिखित मूल दस्तावेजों की स्कैन प्रति अपलोड करना अनिवार्य है:
- हितग्राही के जीवित श्रमिक पंजीयन परिचय पत्र की मूल स्कैन प्रति।
- हितग्राही श्रमिक के आधार कार्ड की मूल स्कैन प्रति।
- बैंक पासबुक की मूल स्कैन प्रति।
- अस्पताल द्वारा जारी आवश्यक दस्तावेज जिससे इलाज/दवाई/चिकित्सा कराए जाने की पुष्टि हो।
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दुर्घटना में चिकित्सा की दशा में:
- एफ.आई.आर. की रिपोर्ट की प्रति।
- दुर्घटना में ग्रस्त अंग के संबंध में संबंधित अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
- गंभीर बीमारी (₹20,000/-) के लिए:
- शासकीय चिकित्सक/सिविल सर्जन/संबंधित रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की मूल स्कैन प्रति।
- दृष्टि/श्रवण यंत्र के लिए:
- संबंधित रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की मूल स्कैन प्रति।
- वेतन प्रतिपूर्ति की राशि के लिए:
- श्रमिक के 15 दिवस अस्पताल में भर्ती रहने की पुष्टि के संबंध में संबंधित अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
आवेदन करने के लिए माध्यम: श्रमिक स्वयं विभागीय वेब पोर्टल, श्रमेव जयते मोबाईल एप, किसी भी च्वाईस सेंटर, संबंधित क्षेत्राधिकारिता के श्रम कार्यालय, अथवा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
अतः सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील है कि वे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने हेतु जल्द से जल्द आवेदन करें और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं!

