शिक्षा और प्रशिक्षण: मजदूरों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना, जिससे उनके कौशल विकसित हों और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिलें।
स्वास्थ्य सेवाएं: मजदूरों के लिए मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना, जैसे कि चिकित्सा शिविरों का आयोजन करना, निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराना इत्यादि।
रोजगार के अवसर: मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद करना, उन्हें रोजगार संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करना, उनके लिए रोजगार मेला आयोजित करना आदि।
न्याय सहायता: मजदूरों को न्याय सहायता प्रदान करना, उनके हित में केस के लिए मुफ्त या सस्ती वकीलों की सहायता उपलब्ध कराना।
आवास प्रस्तावना: गरीब मजदूरों के लिए आवास की सुविधा प्रदान करना, उन्हें सस्ते आवास के लिए सहायता प्रदान करना।
जागरूकता अभियान: मजदूरों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने और उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए जागरूकता अभियान आयोजित करना।
उत्पादकता बढ़ाना: मजदूरों को उत्पादकता बढ़ाने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों और उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना।
आर्थिक सहायता: गरीब मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, उन्हें ऋण, अनुदान या साक्षात्कार की सहायता प्रदान करना।
परिवार की सहायता: मजदूरों के परिवार को आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता प्रदान करना।
